Ambala News: अंबाला के पालिका विहार इलाके में 100 गज के एक प्लॉट का नक्शा पास करने को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। इस मामले में मेयर सैलजा संदीप सचदेवा और नगर निगम के अधिकारी आमने-सामने आ गए हैं।
मामला क्या है?
पालिका विहार के प्लॉट का मालिकाना हक फिलहाल पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इसी बीच निगम अधिकारियों ने इस प्लॉट का नक्शा पास कर दिया। मेयर का कहना है कि जब जमीन का मामला कोर्ट में चल रहा है तो नक्शा पास करना गलत है।
मेयर का आरोप
मेयर सैलजा संदीप सचदेवा ने आरोप लगाया कि:
- जिस जमीन पर खुद नगर निगम ने हाईकोर्ट में केस डाला है, उसी का नक्शा निगम अधिकारियों ने पास कर दिया।
- यह “दोहरी नीति” है।
- उन्होंने सीएम को चिट्ठी लिखकर उच्च स्तरीय जांच की मांग की है।
निगम अधिकारियों का पक्ष
अतिरिक्त निगम आयुक्त दीपक सूरा का कहना है कि:
- नक्शा नियमों के अनुसार पास हुआ है।
- लीगल ओपिनियन और जिला राजस्व अधिकारी (DRO) की रिपोर्ट लेने के बाद ही मंजूरी दी गई।
- 6 जून से 9 सितंबर के बीच कुल 10 नक्शे पास हुए हैं – जिनमें 8 रिहायशी और 2 कमर्शियल शामिल हैं।
- यदि कोई गलती साबित होती है, तो वे कार्रवाई के लिए तैयार हैं।
वक्फ बोर्ड की एंट्री
हरियाणा वक्फ बोर्ड ने कहा कि जमीन बोर्ड की है और इसे लीज पर दिया गया है। बोर्ड का दावा है कि निचली अदालत और हाईकोर्ट में इस जमीन पर कोई रोक (Stay) नहीं है।
आगे क्या होगा?
अब देखना होगा कि राज्य सरकार इस मामले में उच्च स्तरीय जांच बैठाती है या नहीं। मेयर और निगम अधिकारियों के आमने-सामने आने से साफ है कि यह विवाद जल्द ठंडा होने वाला नहीं है।
Source: Local news reports
